बाबा गुरु गोरखनाथ धूना आश्रम
स्थान: गीता कॉलोनी, शास्त्री नगर, दिल्ली
आश्रम दर्शन और रूपरेखा
'बाबा गुरु गोरखनाथ धूना आश्रम' देश की राजधानी दिल्ली में एक पवित्र स्थान एवं आध्यात्मिक केंद्र है, जहाँ भक्त व श्रद्धालु भक्ति-भाव, योग और साधना, एकता व समानता का अनुभव करते हैं।
आश्रम विशेष रूप से गुरु-शिष्य परंपरा, धार्मिक अनुष्ठानों जैसे हवन कर्म, भजन-कीर्तन, भक्ति व तप (तपस्या), साधुओं-मुनियों के रहने,भोजन व विश्राम की व्यवस्था, निशुल्क चिकित्सा, विभिन्न अवसरों के भंडारे, शीतल पेय जल व मीठे शरबत शिविर, भोले की कावड़ शिविर सेवा, निर्धन कन्याओं के विवाह, जैसे कार्यो के लिए पूरे देश और प्रदेश भर में सेवा कार्य करता है।
आश्रम की प्राकृतिक सुंदरता का वर्णन शब्दों में करना मुश्किल है। बाबा गुरु गोरखनाथ धूना आश्रम में प्रकृति अपने शुद्ध रूप में मौजूद है, जो मन और आत्मा को शांति देती है।
सुबह के समय आश्रम के चारों ओर का वातावरण एक स्वर्गीय अनुभूति कराता है, पेड़ों की टहनियों से छनकर आती सूरज की किरणें और उन पर बैठी कोयल का मधुर संगीत मन को मोह लेता है और साथ में गोगा जी जाहरवीर की मैडी पर 'मोर' अपने पंख लहराते हुए, यमुना किनारे की लहरें और शीतल जल की छलकन, हवा में ताज़गी और फूलों की सुगंध वातावरण में एक अद्भुत जादू भर देती है।
चारों तरफ ऊँचे-ऊँचे वृक्ष, आयुर्वेदिक औषधि वाले पेड़-पौधे और घनी हरियाली, जो धूना आश्रम के लिए प्राकृतिक दीवार का काम करती है और आश्रम को बाहरी दुनिया से अलग करती है।
बाबा गुरु गोरखनाथ धूना आश्रम मे हर मौसम का अपना अलग रंग होता है, वसंत में चारों ओर रंग-बिरंगे फूल खिलते हैं, जो एक मनमोहक दृश्य प्रस्तुत करते हैं। बारिश के मौसम में, हरियाली और भी गहरी हो जाती है और हवा में मिट्टी की भीनी सुगंध भर जाती है। सर्दियों में, चारों ओर फैली धुंध और ओस की बूँदें एक शांत और पारदर्शी वातावरण बनाती हैं।
धूना आश्रम की यह प्राकृतिक सुंदरता देखने भर से ही मन शांत और दिव्य विचारों से भर जाता है। ऐसा बताया जाता है कि यह दैविक और ब्रह्मांड की सात्विक शक्तियों का स्थान है जहाँ आप प्रकृति के साथ एकाकार होकर खुद को फिर से खोज सकते हैं, ऐसा स्थान है जहाँ प्रकृति और आध्यात्मिकता एक साथ मिलते हैं।
बाबा गुरु गोरखनाथ धूना आश्रम का इतिहास सदियों से समृद्ध और बहुआयामी रहा है। इसकी सांस्कृतिक विरासत, अनोखी परंपराएं और ऐतिहासिक धरोहरें न केवल देश में बल्कि पूरे विश्व में प्रशंसा का विषय रही हैं।
हर वर्ष बाबा गोरखनाथ के जन्मदिवस पर लाखों लोग आश्रम की विशिष्ट विशेषताओं को नजदीक से देखने और अनुभव करने के लिए यहां आते हैं।
गौशाला और जीव-पक्षियों के लिए विशेष स्थान
कई वर्षों से चली आ रही गोशाला - जिसमें गऊ माताओ की विशेष रूप से सेवा का कार्य चल रहा है, जिससे उत्पादित दूध व पनीर,दही और मट्ठा, शुद्ध देसी घी का उपयोग पूजा-पाठ के लिए भी किया जाता है।
1984 के दंगों में सिख संप्रदाय पर हुए अत्याचार के दौरान, धूना आश्रम के प्रमुख श्री राकेश गुरु जी द्वारा 500 से 700 जरूरतमंदों को मुफ्त दूध दिया जाता था।
धूना आश्रम में विभिन्न प्रकार के जीव, जंतु और पक्षी अपने दैनिक नियम के दौरान यहां की शुद्ध वायु और शांत वातावरण का आनंद लेने आते है जैसे मोर, कोयल, नीलकंठ, बतख, तोते, नील गाय, हिरण, घोड़े, आदि।
श्रद्धालु और स्थानीय लोगों का यहां पर प्रातः काल से ही आश्रम में आना, जीव जंतुओं व पक्षियों को सत-अनाज देना, गोशाला में गऊ माता को चपाती, इत्यादि खाद्य सामग्री देना, जैसे कार्यों में लगे रहना देखा जाना।
औषधि में उपयोगी पौधे
औषधि के रूप में उपयोग होने वाले पौधे जैसे तुलसी, पत्थरचट्टा, गिलोय, कचनार, मरवा, अपराजिता, पपीता, नीम, आदि की देखरेख करना और नियमित रूप से पौधों को सीचने का कार्य मुख्य सेवादारों द्वारा किया जाता रहा है।
जनकल्याणकारी कार्य और निस्वार्थ सेवा
धूना आश्रम पर लगभग 101 आर्थिक रूप से कमजोर परिवारो की बेटियों के विवाह सम्पन्न किए जा चुके है, साथ साथ विवाह में आवश्यक वस्त्र, आभूषण, गृह-उपयोगी सामग्री और अन्य सहयोग भी उपलब्ध कराए गए, ताकि परिवार आर्थिक बोझ से मुक्त होकर अपनी बेटियों को सम्मानपूर्वक विदा कर सके।
जन कल्याण सेवा के उद्देश्य से बाबा गुरु गोरखनाथ धूना आश्रम में समय-समय पर निःशुल्क चिकित्सा शिविर लगाए जाते हैं, इन शिविरों में विशेषज्ञ आयुर्वेद द्वारा और डॉक्टरों की टीम द्वारा स्वास्थ्य परामर्श, निःशुल्क दवाइयाँ और तत्काल उपचार प्रणाली (आयुर्वेदिक) और आवश्यक जाँच उपलब्ध कराते है।
विशेष रूप से नेत्र-जाँच, चर्म रोग, दंत रोग, सामान्य रोगों की जाँच, आयुर्वेद और योग पद्धति द्वारा उपचार, रक्तदान शिविर का आयोजन प्रमुख रहता है।
धार्मिक आयोजन और सूची
राकेश गुरु जी द्वारा समय-समय पर विशेष पर्वों और तिथियों पर विशाल भंडारे, मीठे शरबत के शिविर, हवन कर्म, भजन-कीर्तन मंडली तथा अन्य धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
आयोजनो/त्योहारों की सूची - बाबा गोरखनाथ जन्मदिवस, गोगा जी जाहरवीर जन्मदिवस, गोगा जी नवमी, मोहनराम बाबा की दूज, गोवर्धन पूजा, गुरु पूर्णिमा, हिन्दू नववर्ष, वीर हनुमान जयंती, श्रीमद भागवत कथा और हवन, तीज महोत्सव, नवरात्रि पूजन, दीपावली पूजन, होली पूजन, आदि।
यहाँ श्रद्धालु अपने परिवार के साथ बाबा गुरु गोरखनाथ के में आशीर्वाद लेने, प्रसाद ग्रहण करने, अपनी समस्याओं और दुखों का निदान करने, बाबा गुरु गोरखनाथ के साथ नव-नाथो के दर्शन करने भी आते है।
धूना आश्रम की मुख्य विशेषताएँ
धूना आश्रम के प्रमुख का जीवन परिचय
वह बाबा गुरु गोरखनाथ धूना आश्रम के प्रमुख सेवक के रूप में निस्वार्थ सेवा और भक्ति मार्ग को ग्रस्त में रहते हुए भी अपने जीवन का उद्देश्य मानकर निरंतर जन-कल्याण, राष्ट्र निर्माण, योग साधना, आदि के महत्व को जीवित रखते हुए, सर्व समाज में जागरूकता फैलाने का कार्य कर रहे है।
श्री राकेश गुरु जी - गुरु परंपरा, सभी जातिवर्ग एवं धर्म समुदायों में समानता व एकता का उपदेश देते है और आध्यात्मिक मार्गदर्शन द्वारा बाबा गुरु गोरखनाथ की शिक्षा और ज्ञान को आधुनिक युग में जीवित रखने के प्रयासों के लिए जाने जाता हैं।
वह हमेशा शिष्य-भक्तों को प्रेम, भक्ति, राष्ट्रवाद और संयम के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करते हैं।
विरासत और सामाजिक प्रभाव
यद्यपि, उनकी ख्याति व्यापक रूप से प्रचारित संपूर्ण देशभर है, फिर भी स्थानीय भक्तों और श्रद्धालुओं के बीच उनकी आध्यात्मिक आभा और सादगी भरी जीवनशैली ने विशेष स्थान बनाया है।
धूना आश्रम का स्थान व संपर्क सूत्र
मेल - babagorakhnathdhunaaasram@gmail.com
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